MP News: मध्य प्रदेश सरकार सरकारी नौकरी से जुड़े नियमों में बड़ा और राहतभरा बदलाव करने जा रही है। राज्य में सरकारी सेवा के लिए लागू अधिकतम दो बच्चों की शर्त को समाप्त करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द ही कैबिनेट के अंतिम निर्णय के लिए रखा जाएगा। इसके साथ ही परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि को लेकर भी नियम आसान किए जा रहे हैं, ताकि कर्मचारियों को समय पर नियमित सेवा का लाभ मिल सके। इन दोनों बदलावों का सीधा फायदा हजारों सरकारी कर्मचारियों और नौकरी के इच्छुक युवाओं को मिलने वाला है।
दो बच्चों की शर्त हटाने की तैयारी
सामान्य प्रशासन विभाग ने विधि विभाग से परामर्श के बाद सरकारी नौकरी में दो बच्चों की अनिवार्यता खत्म करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अब तक इस नियम के कारण कई योग्य अभ्यर्थी और कर्मचारी सरकारी सेवा से वंचित रह गए थे। प्रस्ताव के अनुसार यह बदलाव भविष्य में लागू होगा, यानी जिन कर्मचारियों पर पहले कार्रवाई हो चुकी है, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।
जनसंख्या आंकड़ों के आधार पर लिया गया फैसला
सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) बुलेटिन 2023 के अनुसार मध्य प्रदेश की कुल प्रजनन दर 2.4 है। शहरी क्षेत्रों में यह 1.8 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2.6 दर्ज की गई है, जबकि देश की औसत टीएफआर 1.9 है। इन्हीं आंकड़ों को देखते हुए नियम की उपयोगिता पर सवाल उठे। पहले ही राजस्थान और छत्तीसगढ़ इस तरह की शर्त को हटा चुके हैं, जिससे मध्य प्रदेश पर भी दबाव बढ़ा था।
शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को लाभ
इस नियम में बदलाव से स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा। वर्तमान व्यवस्था के कारण कई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त तक कर दी गई थीं। नया प्रावधान लागू होने के बाद भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनेगी और भर्ती प्रक्रिया ज्यादा व्यावहारिक हो सकेगी।
परिवीक्षा पूरी होते ही जल्दी होगी नियमित सेवा
सरकार परिवीक्षा अवधि के नियमों में भी संशोधन कर रही है। अब दो या तीन साल की परिवीक्षा पूरी होने के छह माह के भीतर कर्मचारी को नियमित करना अनिवार्य होगा। अभी नियमितीकरण में देरी से कर्मचारियों की वेतनवृद्धि और अन्य लाभ प्रभावित होते हैं। नए नियम से यह समस्या खत्म होगी और कर्मचारियों को समय पर आर्थिक लाभ मिल सकेगा। कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम कर्मचारी हित में एक बड़ा और सकारात्मक फैसला माना जा रहा है।
