मध्यप्रदेश में ठंड का कहर पचमढ़ी में बर्फबारी, 24 से 48 घण्टे में ओर तापमान गिरेगा : IMD Alert

IMD Alert: मध्य प्रदेश में सर्दी अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है और हालात ऐसे बन गए हैं मानो प्रदेश के कई हिस्से किसी पहाड़ी पर्यटन स्थल में तब्दील हो गए हों। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं और साफ मौसम के कारण तापमान तेजी से गिरा है। बुंदेलखंड के नौगांव में तीन साल बाद न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में गाड़ियों, घास और पेड़-पौधों पर बर्फ की परत जम गई। इस कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

नौगांव और पचमढ़ी में जमी ‘सफेद चादर’

छतरपुर जिले का नौगांव इस समय प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है। यहां पारा गिरकर 1.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे खेतों और वाहनों पर ओस जमती नजर आई। वहीं हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 5.8 डिग्री रहा, लेकिन सुबह के समय खुले मैदानों, सोफों और पर्यटक वाहनों पर बर्फ की पतली परत दिखाई दी। नज़ारा पूरी तरह शिमला-मनाली जैसा महसूस हुआ।

सर्दी के सितम से थमा जनजीवन

भीषण ठंड का असर यह है कि सुबह के समय कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं। लोग जरूरी काम न हो तो घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग रजाई-कंबलों में दुबकने को मजबूर हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं।

अलाव बना लोगों का सहारा

पारा शून्य के करीब पहुंचने की आशंका के बीच अब अलाव ही लोगों का सबसे बड़ा सहारा बन गया है। बस स्टैंड, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग आग तापते नजर आ रहे हैं। भारी गर्म कपड़ों के बावजूद ठिठुरन कम नहीं हो रही। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों में तापमान और गिरने की संभावना जताई है।

अचानक क्यों गिरी ठंड

कृषि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार साफ आसमान के कारण रेडिएशन कूलिंग बढ़ गई है, जिससे रात के तापमान में तेज गिरावट आई। इससे पहले जनवरी 2023 में नौगांव में पारा माइनस 1 डिग्री तक जा चुका है। मौजूदा हालात को देखते हुए प्रदेशवासियों को अभी और कड़ाके की ठंड के लिए तैयार रहना होगा।

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