मध्यप्रदेश के इस जिले की 384 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी Anganwadi Workers News Guna

Anganwadi Workers News Guna: गुना जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में लापरवाही को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। मुख्यालय पर निवास न करने वाली 292 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 92 सहायिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यदि इनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, तो विभाग द्वारा उनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का साफ कहना है कि हितग्राहियों की सेवाओं में बाधा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

मुख्यालय पर न रहने से प्रभावित हो रहा संचालन

महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत गुना जिले के आरोन, बमोरी, चांचौड़ा, गुना ग्रामीण और राधौगढ़ परियोजना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मुख्यालय क्षेत्र में निवास नहीं कर रहीं। ये कर्मचारी बाहर से आना-जाना करती हैं, जिसके कारण कई केंद्रों पर समय से संचालन नहीं हो पा रहा है। इससे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य हितग्राहियों को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

औचक निरीक्षण में सामने आई लापरवाही

महिला बाल विकास अधिकारी अब्दुल गफ्फार ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि बाहर से अप-डाउन करने वाली कई कार्यकर्ता समय पर केंद्रों पर उपस्थित नहीं होतीं। निरीक्षण सामान्यतः 10 से 15 मिनट का होता है, लेकिन इसी अवधि में कई केंद्रों पर कार्यकर्ता अनुपस्थित मिलीं। इसको लेकर विभाग को लगातार शिकायतें भी प्राप्त हो रही थीं।

कारण बताओ नोटिस जारी, जवाब पर होगी कार्रवाई

अनियमितता को दूर करने के लिए परियोजना अधिकारियों से जानकारी मांगी गई थी। इसके आधार पर 292 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 92 सहायिकाओं की सूची तैयार की गई, जो मुख्यालय पर निवास नहीं कर रहीं। इन सभी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर पूछा गया है कि वे निर्धारित मुख्यालय पर निवास क्यों नहीं कर रही हैं। विभाग का कहना है कि प्राप्त जवाबों की गंभीरता से जांच की जाएगी और संतोषजनक उत्तर न मिलने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।

जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की वर्तमान स्थिति

गुना जिले में वर्तमान में कुल 1735 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें 3418 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्यरत हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी केंद्र नियमित रूप से संचालित हों और हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिले। इसके लिए आगे भी निरीक्षण और सख्त कदम जारी रहेंगे।

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