मध्यप्रदेश लाड़ली बहना योजना पर बड़ी अपडेट, सरकार योजना की राशि बढ़ाएगी MP Ladli Behna Yojana New Update

MP Ladli Behna Yojana New Update: मध्यप्रदेश की राजनीति और शासन व्यवस्था में लाड़ली बहना योजना अब सरकार की सबसे मजबूत आधारशिला बन चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि इस योजना की राशि आगे भी लगातार बढ़ती रहेगी। अब तक सरकार लाड़ली बहनों को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की सहायता दे चुकी है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। सीधी जिले के बहरी में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने विकास कार्यों की सौगातों के साथ महिलाओं, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं।

लाड़ली बहना योजना पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के कारण महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है। वर्तमान में हर पात्र महिला को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं, जिसे आने वाले समय में और बढ़ाया जाएगा। सीएम ने बताया कि इस राशि से महिलाएं घर खर्च, बच्चों की पढ़ाई और छोटे-मोटे व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

सीधी जिले को मिली विकास कार्यों की सौगात

सीएम मोहन यादव ने सीधी जिले के लिए 201 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत से 209 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके अलावा ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना के तहत 11 करोड़ 58 लाख रुपये के 505 कार्यों की शुरुआत हुई। बहरी में नए कॉलेज की घोषणा की गई, जो अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू होगा। साथ ही बहरी से चुरहट तक 129 करोड़ रुपये की लागत से टू-लेन सड़क बनाने का ऐलान भी किया गया।

शिक्षा, सड़क और प्रशासनिक सुविधाओं में विस्तार

कार्यक्रम में सिंहावल और देवसर महाविद्यालयों में विज्ञान और वाणिज्य संकाय शुरू करने, देवसर में फुल टाइम एडिशनल कलेक्टर कोर्ट संचालित करने, गोपद नदी पर नया पुल और महान नदी पर रपटा निर्माण की घोषणाएं की गईं। इन फैसलों से क्षेत्र में शिक्षा, यातायात और प्रशासनिक सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

महिलाओं और स्थानीय पहचान को बढ़ावा

सीएम ने बताया कि रोजगार आधारित उद्योगों में काम करने वाली महिलाओं को 5000 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा। साथ ही आयुष्मान योजना के तहत एयर एंबुलेंस सुविधा और सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वालों को 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की भी जानकारी दी। सीधी की प्रसिद्ध पंजा दरी को वैश्विक पहचान दिलाने और जीआई टैग दिलाने के प्रयासों का भी उन्होंने उल्लेख किया।

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