MP Teacher News: मध्यप्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं को सुचारु और निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मोहन यादव सरकार ने सरकारी स्कूलों में कार्यरत साढ़े तीन लाख से अधिक शिक्षकों पर दो महीने के लिए ESMA लागू कर दिया है। इसके तहत 7 फरवरी से 13 मार्च 2026 तक शिक्षक न तो छुट्टी ले सकेंगे और न ही किसी धरना-प्रदर्शन या आंदोलन में शामिल हो सकेंगे। इस फैसले का मकसद परीक्षा व्यवस्था को बाधारहित, अनुशासित और समयबद्ध बनाए रखना है।
बोर्ड परीक्षा के दौरान क्यों लागू हुआ ESMA
माध्यमिक शिक्षा मंडल के अनुसार बोर्ड परीक्षाएं एक अत्यंत संवेदनशील और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य हैं। परीक्षा केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष, उपकेंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक और अन्य स्टाफ की निरंतर उपस्थिति जरूरी होती है। यदि इस दौरान शिक्षक छुट्टियों या आंदोलनों में चले जाएं, तो पूरी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी कारण हर वर्ष की तरह इस बार भी बोर्ड परीक्षाओं की अवधि में ESMA लागू किया गया है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

छुट्टी और आंदोलन पर पूरी तरह रोक
ESMA लागू होने के बाद शिक्षक इस अवधि में अवकाश नहीं ले सकेंगे और न ही किसी प्रकार के धरना-प्रदर्शन में भाग ले पाएंगे। हालांकि सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह स्पष्ट किया है कि गंभीर स्वास्थ्य या आपातकालीन परिस्थितियों में छुट्टी पर अलग से विचार किया जा सकता है। इसके अलावा सामान्य कारणों से छुट्टी की अनुमति नहीं दी जाएगी।
25 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं-12वीं की परीक्षाएं
एमपी बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 25 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। इसके लिए प्रदेशभर में 3,856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस वर्ष करीब 16 लाख विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बोर्ड ने मोबाइल एप के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी व्यवस्था भी लागू की है, जिससे किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
संवेदनशील केंद्रों पर सख्त निगरानी
इस बार 488 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम हैं। बोर्ड का मानना है कि बेहतर प्रबंधन और कड़ी निगरानी के कारण यह संख्या घटी है। इन केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी दल और प्रशासनिक सतर्कता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
